कृ तज्ञता का भाव उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है तथा कृतग्घ्नता उन्नति मे पूर्ण विराम लगाती है ।
पज्ज्वन राय कछवाह का इतिहास
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महापराक्रमी पज्जवनराय - आम्बेर के कछवाहा राजाओं में आगे चलकर महापराक्रमी
पज्जवनराय (प्रद्यम्नराय) हुए। इनकाविवाह वीर शिरोमणि पृथ्वीराज चौहान के काका
कान...

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