कृ तज्ञता का भाव उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है तथा कृतग्घ्नता उन्नति मे पूर्ण विराम लगाती है ।
आमेर नरेश कांकिलदेव कछवाह और मीणा संघर्ष
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दुल्हेराय कछवाह मध्यप्रदेश से आये और राजस्थान में उन्होंने दौसा, मांच,
खोह आदि जीत कर अपना राज्य स्थापित किया | जयपुर राज्य के संक्षिप्त इतिहास
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