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आज का विचार

Monday, February 9, 20152comments

जिस प्रकार विज्ञान का सिद्धांत प्रोद्योगिकी द्वारा उपकरण बन कर उपयोगी हो जाता है उसी प्रकार दर्शन सिद्धांत व्यवहार द्वारा मानवता की सेवा का साधन बन सकता है ।

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By R.S.Shekhawat